ISO/FDIS 14001:2026 पर्यावरणीय प्रबंध प्रणाली मानक में प्रमुख परिवर्तन
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प्रतीकात्मक चित्र साभार NightCafe
ISO/FDIS 14001:2026 पर्यावरणीय प्रबंध प्रणाली (Environmental Management System – EMS) का अंतिम ड्राफ्ट मानक जनवरी 2026 में जारी हो चुका है, लेकिन अभी इसे अंतिम मानक (Final Standard) के रूप में प्रकाशित नहीं किया गया है। अनुमान है कि मार्च–अप्रैल 2026 के आसपास इसका अंतिम संस्करण प्रकाशित होगा, जो ISO 14001:2015 को प्रतिस्थापित करेगा।
ISO/FDIS 14001:2026 में प्रमुख Clause-wise परिवर्तन संक्षेप में निम्नलिखित हैं —
Clause 4 – संगठन का संदर्भ (Context of the Organization)
इस क्लॉज़ में मुख्य परिवर्तन के रूप में संगठन के पर्यावरणीय संदर्भ का दायरा विस्तृत किया गया है। अब संगठन को केवल जलवायु परिवर्तन (Climate Change) ही नहीं, बल्कि जैव विविधता, प्रदूषण स्तर तथा प्राकृतिक संसाधनों की उपलब्धता (Biodiversity, Pollution Levels, Natural Resources Availability) जैसे पर्यावरणीय कारकों पर भी विचार करना होगा।
इसका अर्थ यह है कि पर्यावरणीय प्रबंध प्रणाली लागू करते समय संगठन को व्यापक पर्यावरणीय परिस्थितियों का विश्लेषण करना आवश्यक होगा। नए संस्करण में जलवायु परिवर्तन को EMS के संदर्भ में अधिक स्पष्ट रूप से शामिल करने पर विशेष बल दिया गया है।
Clause 5 – नेतृत्व (Leadership)
इस क्लॉज़ में पर्यावरणीय प्रदर्शन के प्रति शीर्ष नेतृत्व (Top Management) की जवाबदेही को और अधिक स्पष्ट किया गया है। पर्यावरणीय प्रशासन (Environmental Governance) और जवाबदेही (Accountability) पर विशेष जोर दिया गया है। अर्थात् अब नेतृत्व की भूमिका केवल पर्यावरणीय नीति घोषित करने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि पर्यावरणीय प्रदर्शन के परिणामों के प्रति भी उनकी जिम्मेदारी अधिक स्पष्ट होगी।
Clause 6 – आयोजना (Planning)
यह क्लॉज़ इस संशोधन में सबसे महत्वपूर्ण परिवर्तनों वाला भाग माना जा रहा है।
Clause 6.1 – जोखिम और अवसर (Risks and Opportunities)
इस उप-क्लॉज़ में जोखिम और अवसरों की पहचान तथा उनसे संबंधित कार्रवाइयों की अपेक्षाओं को पुनर्संरचित (Restructured) किया गया है। जोखिम और अवसरों की पहचान तथा उनके प्रबंधन के लिए कार्ययोजनाओं को अधिक स्पष्ट रूप से प्रस्तुत किया गया है।
Clause 6.1.2 – पर्यावरणीय पहलू (Environmental Aspects)
इस भाग में जीवन-चक्र परिप्रेक्ष्य (Life-cycle Perspective) को और अधिक सुदृढ़ किया गया है। अब उत्पाद या सेवा के पूरे जीवन-चक्र — डिज़ाइन से लेकर निपटान (Disposal) तक — के पर्यावरणीय प्रभावों पर अधिक ध्यान देने की अपेक्षा की गई है।
Clause 6.3 – परिवर्तनों की योजना बनाना और उनका प्रबंधन करना (Planning and Managing Changes)
यह इस मानक में जोड़ा गया एक नया क्लॉज़ है। इसके अंतर्गत EMS में होने वाले परिवर्तनों — जैसे प्रक्रिया, तकनीक, संगठनात्मक संरचना या विनियम (Process, Technology, Organization, Regulation) — को योजनाबद्ध तरीके से प्रबंधित और नियंत्रित करने की अपेक्षा की गई है।
Clause 7 – समर्थन (Support)
इस क्लॉज़ में क्षमता (Competence), जागरूकता (Awareness) और संचार (Communication) से संबंधित अपेक्षाओं को अधिक स्पष्ट किया गया है। साथ ही मार्गदर्शन सामग्री (Guidance Text) को भी अधिक विस्तृत बनाया गया है।
Clause 8 – संचालन (Operation)
इस क्लॉज़ में “Outsourced Processes” शब्दावली के स्थान पर “Externally Provided Processes, Products and Services” शब्दावली का प्रयोग किया गया है। इसका अर्थ यह है कि अब संगठन को अपने सप्लायर तथा वैल्यू-चेन (Value Chain) पर अधिक प्रभावी नियंत्रण या प्रबंधन सुनिश्चित करना होगा।
Clause 9 – प्रदर्शन मूल्यांकन (Performance Evaluation)
इस क्लॉज़ में पर्यावरणीय प्रदर्शन की निगरानी और मूल्यांकन (Environmental Performance Monitoring and Evaluation) पर अधिक जोर दिया गया है। साथ ही हितधारकों की अपेक्षाओं (Stakeholder Expectations) तथा रिपोर्टिंग (Reporting) से संबंधित अपेक्षाओं को भी अधिक स्पष्ट किया गया है।
Clause 10 – सुधार (Improvement)
इस क्लॉज़ में केवल छोटे संपादकीय परिवर्तन तथा शब्दावली (Terminology) के अद्यतन किए गए हैं।
प्रमुख परिवर्तन – संक्षेप में
- जलवायु परिवर्तन के साथ व्यापक पर्यावरणीय परिस्थितियों (Environmental Conditions) का समावेश
- नेतृत्व की जवाबदेही (Leadership Accountability) पर अधिक जोर
- जोखिम एवं अवसर प्रक्रिया (Risk and Opportunity Process) का पुनर्संरचना
- जीवन-चक्र सोच (Life-cycle Thinking) को सुदृढ़ करना
- परिवर्तन प्रबंधन (Change Management) के लिए नया क्लॉज़
- आपूर्ति शृंखला (Supply Chain) तथा बाहरी रूप से प्रदान की जाने वाली प्रक्रियाओं, उत्पादों और सेवाओं पर अधिक ध्यान
निष्कर्ष
संक्षेप में कहा जा सकता है कि ISO/FDIS 14001:2026 कोई नया ढांचा प्रस्तुत नहीं करता, बल्कि मौजूदा पर्यावरणीय प्रबंध प्रणाली (EMS) को अधिक स्पष्ट, व्यापक और पर्यावरणीय दृष्टि से मजबूत बनाने का प्रयास करता है।
यह ध्यान देने योग्य है कि यह मानक का Final Draft International Standard (FDIS) है। अंतिम प्रकाशन के समय इसमें कुछ छोटे-मोटे संपादकीय परिवर्तन संभव हैं। यह आलेख विभिन्न उपलब्ध स्रोतों से संकलित जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है।
सादर
केशव राम सिंघल
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