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Keshav Ram Singhal

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रविवार, 14 जून 2026

ISO 14001:2026 EMS मानक का कार्यक्षेत्र (Scope) - एक सरल समझ

 ISO 14001:2026 EMS मानक का कार्यक्षेत्र (Scope) - एक सरल समझ 

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सबसे पहले हमें जानना चाहिए कि कार्यक्षेत्र (Scope) का अर्थ क्या होता है? अंग्रेजी में इसे कहा जा सकता है - Scope refers to the boundaries, applicability, and extent of a management system or standard. Scope का हिंदी अर्थ है — “कार्यक्षेत्र” या “परिसीमा”, अर्थात यह बताता है कि कोई मानक या प्रबंध प्रणाली किन गतिविधियों, प्रक्रियाओं, उत्पादों, सेवाओं या स्थानों पर लागू होती है।पाठक कृपया ध्यान रखे कि इस आलेख में हम मानक की सीमाओं की बात कर रहे हैं, न कि पर्यावरणीय प्रबंध प्रणाली (EMS) के कार्यक्षेत्र (Scope) की।


सरल भाषा में इसे यूँ समझें - मानक का कार्यक्षेत्र (Scope) यह स्पष्ट करता है -


* मानक में क्या शामिल है (What is included)

* मानक में क्या शामिल नहीं है (What is excluded)

* मानक कहाँ लागू होता है (Where it applies)

* मानक किस पर लागू होता है (To whom it applies)


प्रबंध प्रणाली मानकों में कार्यक्षेत्र (Scope) का महत्व


हर ISO मानक (जैसे ISO 9001, ISO 14001) की शुरुआत में एक कार्यक्षेत्र (Scope) खंड 1 (Clause 1) होता है। इसके उद्देश्य निम्न होते हैं - 


* मानक की लागू होने की सीमा स्पष्ट करना

* उपयोगकर्ताओं को यह बताना कि यह मानक किस उद्देश्य के लिए है


उदाहरण के रूप में हम ISO 14001:2026 EMS मानक के कार्यक्षेत्र (Scope) की बात करें तो यह बताता है कि ISO 14001:2026 EMS मानक संगठन के पर्यावरणीय पहलुओं (Environmental Aspects) और प्रदूषण नियंत्रण, संसाधन उपयोग, अनुपालन आदि पर लागू होता है। मानक का कार्यक्षेत्र यह नहीं बताता कि विशिष्ट प्रदूषण स्तर क्या हैं। इसकी जानकारी प्रशासनिक नियमों या कानून में होती है। 


कार्यक्षेत्र (Scope) प्रबंध प्रणाली का एक महत्वपूर्ण तत्व है, जो यह स्पष्ट करता है कि यह प्रणाली कहाँ, किस पर और किस सीमा तक लागू होती है। सही कार्यक्षेत्र निर्धारित करना किसी भी प्रबंध प्रणाली मानक के प्रभावी कार्यान्वयन की पहली और महत्वपूर्ण शर्त होती है।


ISO 14001:2026 EMS मानक के कार्यक्षेत्र की बात करते हैं। ISO 14001 EMS मानक पर्यावरणीय प्रबंध प्रणाली (EMS) के लिए अपेक्षाओं (Requirements) को बताता है, जिसका इस्तेमाल कोई संगठन अपनी पर्यावरणीय निष्पादन (Environmental performance) को बेहतर बनाने के लिए कर सकता है। यह मानक ऐसे संगठन के इस्तेमाल के लिए है, जो अपनी पर्यावरणीय ज़िम्मेदारियों को व्यवस्थित तरीके से प्रबंध करना चाहता है, और जो सतत विकास (Sustainable development) के पर्यावरणीय स्तम्भ (Environmental pillar) में योगदान देता है।


ISO 14001:2026 EMS मानक संगठन को अपने पर्यावरणीय प्रबंध प्रणाली (EMS) के अभिप्रेत परिणाम (intended outcomes) को पाने में मदद करता है, जो पर्यावरण, खुद संगठन और इच्छुक पक्षों के लिए मूल्य प्रदान करते हैं। किसी पर्यावरणीय प्रबंध प्रणाली के अभिप्रेत परिणामों में निम्न शामिल होते हैं -

- पर्यावरणीय निष्पादन (Environmental performance) को बेहतर बनाना;

- अनुपालन (Compliance) की ज़िम्मेदारियों को पूरा करना;

- पर्यावरणीय लक्ष्यों (Environmental objectives) को हासिल करना।


ISO 14001:2026 EMS मानक किसी भी संगठन पर लागू किया जा सकता है, चाहे उसका आकार, प्रकार और प्रकृति कुछ भी हो, और यह उसकी गतिविधियों, उत्पादों और सेवाओं के पर्यावरणीय पहलुओं (Environmental aspects) पर लागू होता है, जिन्हें संगठन यह तय करता है कि वह जीवन चक्र (Life Cycle) सोच से नियंत्रित या प्रभावित कर सकता है। यहाँ यह ध्यान देने की बात है कि ISO 14001 EMS मानक विशिष्ट पर्यावरणीय निष्पादन मापदंड (Environmental performance criteria) नहीं बताता है।


ISO 14001:2026 EMS मानक का उपयोग किसी संगठन की पर्यावरण प्रबंध को व्यवस्थित तरीके से बेहतर बनाने के लिए पूरी तरह या कुछ हिस्से में किया जा सकता है। हालाँकि, इस ISO 14001:2026 EMS मानक के हिसाब से अनुपालन होने के दावे तब तक ही मंज़ूर हैं, जब तक इसकी सभी अपेक्षाएँ संगठन के पर्यावरणीय प्रबंध प्रणाली में शामिल हों और बिना किसी छूट के पूरी की गई हों।


ISO 14001:2026 EMS मानक कार्यक्षेत्र (Scope ) की प्रमुख विशेषताएँ


* सभी प्रकार के संगठनों पर लागू (size, type, nature)

* पर्यावरणीय पहलुओं (Environmental aspects) पर आधारित

* जीवन चक्र परिपेक्ष्य (Life cycle perspective) को ध्यान में रखता है

* निष्पादन मापदंड (Performance criteria) निर्धारित नहीं करता


अतः कार्यक्षेत्र (Scope) प्रबंध प्रणाली का एक अत्यंत महत्वपूर्ण तत्व है, जो यह स्पष्ट करता है कि प्रणाली कहाँ, किस पर और किस सीमा तक लागू होती है। उपयुक्त कार्यक्षेत्र का निर्धारण किसी भी प्रबंध प्रणाली के प्रभावी कार्यान्वयन की आधारशिला है।


सादर,

केशव राम सिंघल 


ISO 14001:2026 EMS मानक - सामान्य जानकारी

ISO 14001:2026 EMS मानक - सामान्य जानकारी  

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ISO 14001:2026 EMS मानक, ISO द्वारा निर्धारित प्रबंध प्रणाली मानकों की समान संरचना (Harmonized Structure - HS) के आधार पर विकसित किया गया है। इन अपेक्षाओं में एक जैसी संरचना, एक जैसा मुख्य पाठ (core text), और मूल परिभाषा (core definitions) के साथ सामान्य पद (common terms) शामिल हैं, जिन्हें कई ISO प्रबंध प्रणाली मानकों (जैसे ISO 9001 QMS, ISO 45001 (OH&S), ISO 50001 (Energy Management), ISO 10012 (Measurement Management) जैसे मानकों को लागू करने वाले उपयोगकर्ताओं को लाभ प्रदान करने के उद्देश्य से डिज़ाइन किया गया है। यहाँ यह बताना जरूरी है कि ISO ने अब आधिकारिक तौर पर 'High Level Structure (HLS)' शब्द को अपडेट करके 'Harmonized Structure (HS)' कर दिया है। 


ISO 14001:2026 EMS मानक में दूसरी प्रबंध प्रणालियों, जैसे क्वालिटी, ऑक्यूपेशनल हेल्थ और सेफ़्टी, एनर्जी या फ़ाइनेंशियल मैनेजमेंट के लिए खास अपेक्षाएँ शामिल नहीं हैं। हालाँकि, ISO 14001 EMS मानक एक संगठन को अपनी पर्यावरणीय प्रबंध प्रणाली को दूसरी प्रबंध प्रणाली की अपेक्षाओं के साथ जोड़ने के लिए एक सामान्य दृष्टिकोण और जोखिम-आधारित सोच का इस्तेमाल करने में मदद करता है।


ISO 14001:2026 EMS मानक में वे अपेक्षाएँ शामिल हैं जिनका इस्तेमाल इसके अनुपालन का पता लगाने के लिए किया जाता है। एक संगठन ISO 14001 EMS की अनुरूपता (conformity) निम्न तरीकों से प्रदर्शित कर सकता है - 


- आत्म-निर्णय (Self-determination) और स्व-घोषणा (Self-declaration) 

- रूचि रखने वाले पक्ष (Interested parties) द्वारा पुष्टि (जैसे ग्राहक)

- बाहरी व्यक्ति द्वारा सत्यापन (Second-party verification)

- प्रमाणन निकाय द्वारा प्रमाणन (Third-party certification) 


यहाँ यह ध्यान देने की बात है कि संगठन द्वारा पर्यावरणीय प्रबंध प्रणाली का प्रमाणन/पंजीकरण करवाना मानक की अपेक्षा नहीं है, यह संगठन का अपना निर्णय होता है। संगठन बिना प्रमाणन/पंजीकरण के भी ISO 14001:2026 EMS मानक को अपने संगठन में लागू कर सकता है। 


कई देशों में स्थानीय निकाय (Municipalities), पानी/ऊर्जा utilities, सरकारी विभाग आदि संगठन अक्सर ISO 14001 EMS मानक लागू करते हैं, परंतु third-party certification नहीं लेते। कारण वे इस प्रकार कार्यान्वयन लागत (cost) बचाते हैं, ISO 14001 EMS मानक कार्यान्वित करना उनका सार्वजनिक उत्तरदायित्व (public accountability) है और वे ऐसा आंतरिक पारदर्शिता के लिए करते हैं। ऐसे संगठनों में स्व-घोषणा (self-declaration) अधिक प्रचलित है। बहुत से माध्यम और छोटे संगठन (Small & Medium Enterprises - SMEs) ISO 14001 EMS मानक अपनाते हैं, आंतरिक संपरीक्षण (Internal audits) करते हैं, लेकिन प्रमाणन (certification) नहीं लेते। कारण - लागत सीमाएँ, ग्राहक द्वारा प्रमाणन (certification) की अनिवार्यता न होना और केवल आतंरिक सुधार पर ध्यान देना होता है। 


ISO 14001:2026 EMS मानक में कुल 10 खंड (Clauses) हैं। इनमें खंड 1 “कार्यक्षेत्र (Scope)”, खंड 2 “मानक संदर्भ (Normative References)” तथा खंड 3 “शब्दावली और परिभाषाएँ (Terms and Definitions)” को प्रस्तुत करते हैं। कार्यक्षेत्र (Scope) पर अलग से आलेख में विस्तार से चर्चा की गई है।

ISO 14001:2026 EMS मानक में कोई विशिष्ट मानक संदर्भ (Normative Reference) उल्लेखित नहीं किया गया है। खंड 3 में इस मानक से संबंधित कुल 32 पद एवं उनकी परिभाषाएँ दी गई हैं, जिनके माध्यम से पाठक इन तकनीकी शब्दों का अर्थ स्पष्ट रूप से समझ सकते हैं। इन पदों की व्याख्या आवश्यकता अनुसार विभिन्न आलेखों में क्रमशः की जा सकती है।


खंड 4 से खंड 10 तक पर्यावरणीय प्रबंध प्रणाली (Environmental Management System - EMS) की अपेक्षाएँ (Requirements) दी गई हैं। यदि कोई संगठन ISO 14001:2026 EMS मानक को लागू करता है, तो इन सभी अपेक्षाओं का पालन करना आवश्यक होता है।


अनुलग्नक A, ISO 14001:2026 EMS मानक की अपेक्षाओं की गलत समझ को रोकने के लिए स्पष्टीकरण प्रदान करता है। यह खंड अपेक्षाओं की व्याख्या करता है। ISO 14001:2026 EMS मानक ढाँचे का विशिष्ट पर्यावरणीय विषयों पर मार्गदर्शन ISO 14002 सीरीज़ में दिया गया है। पर्यावरणीय प्रबंध प्रणाली पर कार्यान्वयन मार्गदर्शन ISO 14004 में शामिल है। अनुलग्नक A केवल मार्गदर्शन के लिए है और यह गैर-अनिवार्य (Informative/Non-mandatory) है।


अनुलग्नक A.3 ISO 14001:2026 EMS मानक में इस्तेमाल किए गए खास शब्दों और वाक्यांशों के बारे में और जानकारी देता है ताकि पर्यावरणीय प्रबंध प्रणाली (EMS) से जुडी अवधारणा की समझ को बढ़ाया जा सके। 


ISO 14001:2026 EMS कार्यान्वयन के प्रमुख लाभ - 


- पर्यावरणीय प्रभावों की पहचान और नियंत्रण

- कानूनी एवं विनियामक अनुपालन में सहायता

- संसाधनों (जल, ऊर्जा) का कुशल उपयोग

- अपशिष्ट (waste) में कमी

- संगठन की साख (reputation) में वृद्धि


सार 


ISO 14001:2026 EMS मानक संगठनों को पर्यावरणीय उत्तरदायित्व निभाने, जोखिम-आधारित सोच अपनाने तथा सतत विकास (Sustainable Development) की दिशा में प्रभावी ढंग से कार्य करने हेतु एक सशक्त ढाँचा प्रदान करता है।

 

सादर,

केशव राम सिंघल 


रविवार, 31 मई 2026

ब्लॉग पाठकों के लिए एक आवश्यक सूचना - A Crucial Note for Blog Readers

ब्लॉग पाठकों के लिए एक आवश्यक सूचना 

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इस ब्लॉग के पाठक कृपया ध्यान दें कि यहाँ दिए गए आलेख, लेख और सामग्रियाँ केवल जागरूकता बढ़ाने और अकादमिक संदर्भ अध्ययन के उद्देश्य से साझा की गई हैं। इन्हें आधिकारिक पर्यावरणीय प्रबंधन प्रणाली (EMS) मानकों, जिसमें ISO 14001:2026 EMS मानक भी शामिल है, के विकल्प के रूप में उपयोग नहीं किया जाना चाहिए।


जो संगठन ISO 14001:2026 EMS को लागू कर रहे हैं, उनके पास इस मानक की एक आधिकारिक प्रति (Official Copy) होनी चाहिए। इसके संपूर्ण और प्रभावी कार्यान्वयन के लिए तीन मुख्य मानकों का एक सेट रखने की सलाह दी जाती है -


- ISO 14000 (संशोधन प्रक्रिया के तहत नवीनतम अपडेट के साथ)

- ISO 14001:2026

- ISO 19011:2026


इसके अतिरिक्त, ISO 14000 परिवार के अन्य मानकों को प्राप्त करना संगठन के लिए एक विशिष्ट परिचालन लाभ (Operational Advantage) प्रदान करेगा।


सादर,

केशव राम सिंघल


A Crucial Note for Blog Readers 

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Readers of this blog should note that the articles, write-ups, and information provided here are intended solely to create awareness and serve as an academic reference study. They must not be used as a substitute for official Environmental Management System (EMS) standards, including the ISO 14001:2026 EMS standard.


Organizations implementing ISO 14001:2026 EMS must possess an official copy of the standard. For a comprehensive implementation, it is highly recommended to secure a set of three core standards -


- ISO 14000 (incorporating the latest updates as the previous version undergoes revision)

- ISO 14001:2026 

- ISO 19011:2026


Furthermore, the procurement of additional standards from the ISO 14000 family will provide a distinct operational advantage.


Regards,

Keshav Ram Singhal 


शनिवार, 30 मई 2026

भारतीय मानक ब्यूरो द्वारा IS/ISO 14001:2026 EMS मानक प्रकाशित (Bureau of Indian Standards publishes IS/ISO 14001:2026 EMS Standard)

 भारतीय मानक ब्यूरो द्वारा IS/ISO 14001:2026 EMS मानक प्रकाशित

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प्रतीकात्मक चित्र साभार GoogleGemini 


अंतरराष्ट्रीय मानकीकरण संगठन (इंटरनेशनल ऑर्गनाइज़ेशन फ़ॉर स्टैंडर्डाइज़ेशन - ISO) द्वारा ISO 14001:2026 EMS मानक प्रकाशित करने के बाद, भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) ने इस मानक को भारतीय मानक के तौर पर अपनाकर प्रकाशित कर दिया है और अब यह IS/ISO 14001:2026 EMS के तौर पर उपलब्ध है, जिसका शीर्षक है "पर्यावरणीय प्रबंधन पद्धतियाँ - उपयोग के लिए मार्गदर्शन सहित अपेक्षाएँ।"


यह मानक BIS या BSB Edge के सेल्स काउंटर से प्राप्त किया जा सकता है।


सादर,

केशव राम सिंघल 


Bureau of Indian Standards publishes IS/ISO 14001:2026 EMS standard

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Following the publication of the ISO 14001:2026 EMS standard by the International Organization for Standardization (ISO), the Bureau of Indian Standards (BIS) has adopted and published this standard as an Indian Standard, and it is now available as IS/ISO 14001:2026 EMS, titled "Environmental Management Systems - Requirements with Guidance for Use."


This standard can be obtained from the sales counters of BIS or BSB Edge.


Regards,

Keshav Ram Singhal


बुधवार, 15 अप्रैल 2026

ISO 14001:2026 EMS मानक जारी

ISO 14001:2026 EMS मानक जारी

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पर्यावरणीय प्रबंध प्रणाली (EMS) के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम - ISO 14001:2026 EMS मानक आधिकारिक रूप से आज 15 अप्रेल 2026 को प्रकाशित हो गया है। सन्दर्भ के लिए ISO की वेबसाइट लिंक क्लिक करें।  

यह संशोधित मानक संगठनों को पर्यावरणीय प्रदर्शन (Environmental Performance) को और बेहतर बनाने, जलवायु परिवर्तन (Climate Change), जैव विविधता (Biodiversity) तथा संसाधनों के सतत उपयोग (Sustainable Resource Use) जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर अधिक प्रभावी ढंग से कार्य करने के लिए एक उन्नत और स्पष्ट ढाँचा प्रदान करेगा।


ISO 14001:2026 EMS की प्रमुख विशेषताएँ - 


* व्यापक पर्यावरणीय संदर्भ (Expanded Environmental Context)

* नेतृत्व की बढ़ी हुई जवाबदेही (Enhanced Leadership Accountability)

* जोखिम और अवसरों का बेहतर प्रबंधन

* जीवन चक्र दृष्टिकोण (Life-cycle Perspective) को मजबूती

* परिवर्तन प्रबंधन (Change Management) पर विशेष ध्यान

* आपूर्ति शृंखला (Supply Chain) पर बढ़ा हुआ नियंत्रण


यह नया संस्करण संगठनों को सतत विकास (Sustainable Development) की दिशा में आगे बढ़ने और वैश्विक पर्यावरणीय चुनौतियों का सामना करने के लिए सक्षम बनाएगा।

 

आशा की जाने चाहिए कि भारतीय मानक ब्यूरो IS/ISO 14001:2026 EMS मानक का शीघ्र प्रकाशन करेगा। 


सादर,

केशव राम सिंघल

 #ISO14001 #EMS #Sustainability #EnvironmentalManagement 


गुरुवार, 9 अप्रैल 2026

प्रबंध प्रणाली मानकों में प्रयुक्त होने वाले सामान्य चार शब्द

प्रबंध प्रणाली मानकों में प्रयुक्त होने वाले सामान्य चार शब्द 

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चित्र साभार NightCafe 


प्रबंध प्रणाली (Management Systems) मानकों (जैसे ISO 9001, ISO 14001) में प्रयुक्त होने वाले शब्द Determine, Establish, Implement, Maintain केवल सामान्य शब्द नहीं हैं—ये एक क्रम (sequence) को दर्शाते हैं। ये शब्द किसी भी प्रबंध प्रणाली (Management System) के विकास और संचालन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। नीचे इनका अर्थ और आपसी अंतर हिंदी और अंग्रेजी दोनों में सरल रूप में समझाने का प्रयास किया गया है। 


1. Determine (निर्धारित करना)


English Meaning - To identify, analyze, and decide what is needed.

हिंदी अर्थ - किसी अपेक्षा, स्थिति या तत्व को पहचानना, उसका विश्लेषण करना और यह निर्णय लेना कि क्या अपेक्षित है।


उदाहरण - 

* Risks and opportunities are determined.

* संगठन अपने जोखिम और अवसरों को निर्धारित करता है।


निर्धारित करना (Determine) प्रबंध प्रणाली (Management System) के विकास और संचालन का पहला चरण है — “क्या करना है?” का उत्तर इसमें मिलता है।


2. Establish (स्थापित करना/  संस्थापित करना)


English Meaning - To set up or create something formally with defined structure and documentation.

हिंदी अर्थ - किसी प्रणाली, प्रक्रिया या नीति को औपचारिक रूप से बनाना और उसे संरचित रूप देना।


उदाहरण - 

* A quality policy is established.

* गुणवत्ता नीति स्थापित की जाती है। 


स्थापित / संस्थापित करना (Establish) प्रबंध प्रणाली (Management System) के विकास और संचालन का दूसरा चरण है — “कैसे संरचना बनानी है?”


3. Implement (कार्यान्वित करना / लागू करना)


English Meaning - To put the established system or process into action.

हिंदी अर्थ - स्थापित की गई प्रणाली या प्रक्रिया को वास्तविक रूप से लागू करना और उपयोग में लाना।


उदाहरण -

* The procedure is implemented in daily operations.

* इस प्रक्रिया को दैनिक कार्यों में कार्यान्वित किया जाता है।


कार्यान्वयन / लागू करना (Implement) प्रबंध प्रणाली (Management System) के विकास और संचालन का तीसरा चरण है — “वास्तव में काम शुरू करना।”


4. Maintain (बनाए रखना)


English Meaning - To keep the management system running effectively and up to date.

हिंदी अर्थ - प्रबंध प्रणाली को निरंतर प्रभावी बनाए रखना, उसकी निगरानी करना और आवश्यकता अनुसार उसमें सुधार करना।


उदाहरण - 

* The management system is maintained.

* प्रबंधन प्रणाली को बनाए रखा जाता है।


बनाए रखना (Maintain) प्रबंध प्रणाली (Management System) के विकास और संचालन का चौथा चरण है — “निरंतरता और सुधार सुनिश्चित करना।”


उदाहरण


मान लीजिए, एक संगठन गुणवत्ता प्रबंध प्रणाली (Quality Management System - QMS) लागू कर रही है। 


* Determine (निर्धारित करना) - पहला चरण - संगठन को किन प्रक्रियाओं की आवश्यकता है, यह तय करना। 

* Establish (स्थापित करना) - दूसरा चरण - उन प्रक्रियाओं को डॉक्यूमेंट और डिज़ाइन करना। 

* Implement (कार्यान्वित करना) - तीसरा चरण - उन प्रक्रियाओं को कार्यरूप में लागू करना। 

* Maintain (बनाए रखना) - चोथा चरण - प्रणाली (System) की लगातार निगरानी (Monitor) और सुधार करते रहना। 


सार 


प्रबंध प्रणाली (Management System) के विकास और संचालन में ये चारों शब्द मिलकर एक पूर्ण चक्र (cycle) बनाते हैं, जो किसी भी प्रबंध प्रणाली (Management System) की सफलता की नींव है। इन शब्दों की सही समझ और उपयोग अंतरराष्ट्रीय मानकों की प्रभावी अनुपालना (compliance) और सतत सुधार (continual improvement) के लिए एक अच्छा कदम हो सकता है। 

 

सादर,

केशव राम सिंघल 


बुधवार, 8 अप्रैल 2026

ISO 14001 EMS में प्लान-डू-चेक-एक्ट (PDCA) अवधारणा

ISO 14001 EMS में प्लान-डू-चेक-एक्ट (PDCA) अवधारणा

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साभार Wikimedia Commons 


ISO 14001 पर्यावरणीय प्रबंध प्रणाली (EMS) मानक मुख्यतः 'प्लान-डू-चेक-एक्ट' (Plan-Do-Check-Act - PDCA) की अवधारणा पर आधारित है। यह एक व्यवस्थित और चक्रीय (Cyclical) कार्यप्रणाली है, जिसका उद्देश्य निरंतर सुधार (Continual Improvement) सुनिश्चित करना है।


PDCA एक आवर्ती (Repeatable) प्रक्रिया है, जिसे संगठन अपनी पर्यावरणीय प्रबंध प्रणाली (EMS) तथा उसकी सभी प्रक्रियाओं पर लागू कर सकते हैं। यह संगठन को योजनाबद्ध तरीके से कार्य करने, परिणामों की समीक्षा करने और सुधारात्मक कदम उठाने में सहायता करती है।


PDCA चक्र का सरल वर्णन


1. प्लान (Plan) – योजना बनाना


संगठन अपनी पर्यावरणीय नीति (Environmental Policy) के अनुरूप पर्यावरणीय उद्देश्यों (Objectives) और लक्ष्यों (Targets) का निर्धारण करता है और आवश्यक प्रक्रियाएँ (Processes) स्थापित करता है। योजना बनाने का उद्देश्य अपेक्षित परिणाम प्राप्त करने की दिशा तय करना होता है। 


2. डू (Do) – कार्यान्वयन करना


संगठन में निर्धारित योजनाओं और प्रक्रियाओं को लागू किया जाता है, साथ ही संसाधनों का उपयोग और जिम्मेदारियों का निर्वहन किया जाता है। इसका उद्देश्य योजना को व्यवहार में लाना होता है। 


3. चेक (Check) – जाँच और मूल्यांकन


संगठन में पर्यावरणीय प्रदर्शन (Environmental Performance) की निगरानी (Monitoring) और मापन (Measurement) किया जाता है, जिसमें परिणामों की तुलना नीति, उद्देश्यों और अनुपालन दायित्वों से की जाती है और निष्कर्षों को रिपोर्ट किया जाता है।  इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना कि कार्य सही दिशा में हो रहा है या नहीं। 


4. एक्ट (Act) – सुधारात्मक कार्रवाई


संगठन में पहचानी गई कमियों के आधार पर सुधारात्मक (Corrective) और निवारक (Preventive) कार्रवाई की जाती है। साथ ही प्रणाली में निरंतर सुधार (Continual Improvement) किया जाता है। इसका उद्देश्य संगठन के प्रदर्शन को बेहतर बनाना होता है। 


ISO 14001 के खंड (Clause) और PDCA का संबंध


ISO 14001 मानक में PDCA मॉडल को निम्न प्रकार से एकीकृत किया गया है -


* Plan → खंड (Clause) 6 (Planning)

* Do → खंड 7 (Support) और खंड 8 (Operation)

* Check → खंड 9 (Performance Evaluation)

* Act → खंड 10 (Improvement)


इन सभी खंडों की अपेक्षाओं को खंड 4 (Context of the Organization) और खंड 5 (Leadership) की अपेक्षाओं के साथ समन्वित (Integrated) रूप से लागू किया जाता है।


ऐतिहासिक पृष्ठभूमि


PDCA कार्यप्रणाली का विकास 1920 के दशक में Walter A. Shewhart द्वारा किया गया था। बाद में 1950 के दशक में W. Edwards Deming ने इसे लोकप्रिय बनाया। इसी कारण इसे Deming Cycle (डेमिंग चक्र) और Shewhart Cycle (शेवर्ट चक्र) भी कहा जाता है।


सार 


PDCA केवल एक कार्यप्रणाली नहीं, बल्कि एक प्रबंधन दर्शन (Management Philosophy) है, जो संगठनों को व्यवस्थित रूप से योजना बनाने, उसे लागू करने, परिणामों की समीक्षा करने और निरंतर सुधार करने के लिए प्रेरित करता है।


ISO 14001 EMS में PDCA का प्रभावी उपयोग संगठन को बेहतर पर्यावरणीय प्रदर्शन, मानक अपेक्षाओं का अनुपालन सुनिश्चित करने तथा सतत विकास के लक्ष्यों को प्राप्त करने में सक्षम बनाता है।


सादर, 

केशव राम सिंघल