संगठन और उसके प्रसंग को समझना (Understanding the organization and its context)
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ISO 14001:2026 EMS मानक खंड 4.1 की अपेक्षाओं के अनुसार, संगठन को उन सभी आंतरिक (Internal) और बाह्य (External) मुद्दों का निर्धारण करना आवश्यक है, जो उसके उद्देश्य (Purpose) के लिए प्रासंगिक हैं और उसकी पर्यावरणीय प्रबंध प्रणाली (EMS) के अपेक्षित परिणामों को प्राप्त करने की क्षमता को प्रभावित कर सकते हैं।
इन मुद्दों में वे पर्यावरणीय परिस्थितियाँ (Environmental Conditions) भी शामिल होती हैं, जो संगठन को प्रभावित करती हैं या संगठन द्वारा प्रभावित हो सकती हैं, जैसे प्रदूषण का स्तर, प्राकृतिक संसाधनों की उपलब्धता, जलवायु परिवर्तन, जैव विविधता (Biodiversity) तथा पारिस्थितिकी तंत्र का स्वास्थ्य (Ecosystem Health)। इस अपेक्षा का उद्देश्य संगठन को उन प्रमुख मुद्दों की समग्र समझ प्रदान करना है, जो उसके संचालन (Operations) को प्रभावित करते हैं, उसकी पर्यावरणीय जिम्मेदारियों के प्रबंधन को प्रभावित करते हैं, तथा EMS के अपेक्षित परिणामों पर सकारात्मक या नकारात्मक प्रभाव डाल सकते हैं।
आंतरिक और बाह्य मुद्दों के कुछ उदाहरण
(A) पर्यावरणीय परिस्थितियाँ
* वायु और जल की गुणवत्ता (Air and Water Quality)
* भूमि उपयोग (Land Use)
* मौजूदा प्रदूषण स्तर
* प्राकृतिक संसाधनों की उपलब्धता
* जैव विविधता की स्थिति
* पारिस्थितिकी तंत्र का स्वास्थ्य
उदाहरण - यदि कोई उद्योग जल-आधारित उत्पादन करता है, तो स्थानीय जल की उपलब्धता और गुणवत्ता उसके लिए एक महत्वपूर्ण मुद्दा होगी।
(B) बाह्य मुद्दे (External Issues)
* सांस्कृतिक और सामाजिक परिस्थितियाँ
* राजनीतिक और कानूनी ढाँचा
* नियामक (Regulatory) अपेक्षाएँ
* आर्थिक और तकनीकी विकास
* प्रतिस्पर्धात्मक वातावरण
उदाहरण - सरकार द्वारा लागू नई पर्यावरणीय नियमावली या कानून संगठन की अनुपालन रणनीति को प्रभावित कर सकते हैं।
(C) आंतरिक मुद्दे (Internal Issues)
* संगठन की गतिविधियाँ, उत्पाद और सेवाएँ (Organization's activities, products and services)
* पर्यावरणीय निष्पादन (Environmental Performance)
* रणनीतिक दिशा (Strategic Direction)
* संगठनात्मक संस्कृति (Organizational Culture)
* क्षमताएँ (Knowledge, Processes, Systems)
उदाहरण - यदि संगठन में पर्यावरणीय जागरूकता कम है, तो EMS का कार्यान्वयन चुनौतीपूर्ण हो सकता है। ऐसे में जागरूकता बढ़ाने के लिए उचित कदम उठाना आवश्यक है।
पर्यावरणीय परिस्थितियों की प्रकृति
यहॉं ध्यान देने की बात है कि पर्यावरणीय परिस्थितियाँ स्थानीय, क्षेत्रीय या वैश्विक (Local, Regional or Global) हो सकती हैं, अचानक (Sudden) या धीरे-धीरे (Gradual) बदल सकती हैं, तथा एक-दूसरे से परस्पर जुड़ी होती हैं।
उदाहरण - जलवायु परिवर्तन (Climate Change) जल संसाधनों, जैव विविधता और पारिस्थितिकी तंत्र को एक साथ प्रभावित करता है। इसलिए, इन परस्पर संबंधों (Interrelationships) को समझना प्रभावी पर्यावरणीय प्रबंधन के लिए अत्यंत आवश्यक है।
पारिस्थितिकी तंत्र (Ecosystem) और उसका महत्व
पारिस्थितिकी तंत्र (Ecosystem) जीवित और निर्जीव तत्वों का एक परस्पर जुड़ा हुआ तंत्र है, जिसमें शामिल होते हैं पौधे, जानवर, सूक्ष्मजीव (Microorganisms), जल, मिट्टी और वायु। उदाहरण - जंगल, झील, मैंग्रोव, घास के मैदान, रेगिस्तान आदि।
पारिस्थितिकी तंत्र स्वास्थ्य (Ecosystem Health) का अर्थ है पारिस्थितिकी तंत्र की संरचना (Structure), कार्य क्षमता (Functionality) और लचीलापन (Resilience) बनाए रखने की क्षमता। संगठन पारिस्थितिकी तंत्र (Ecosystem) पर निर्भर भी होते हैं, और अपनी गतिविधियों से उन्हें प्रभावित भी करते हैं।
पर्यावरणीय प्रबंध प्रणाली (EMS) के साथ संबंध
संगठन के प्रसंग की समझ का उपयोग पर्यावरणीय प्रबंध प्रणाली (EMS) को स्थापित (Establish) करने, कार्यान्वित (Implement) करने, बनाए रखने (Maintain) तथा निरंतर सुधार (Continual Improve) करने में किया जाता है।
ISO 14001:2026 EMS मानक के खंड 4.1 के अनुसार पहचाने गए मुद्दे संगठन के लिए जोखिम (Risks) और अवसर (Opportunities) उत्पन्न करते हैं, जिन्हें संगठन को आयोजना (Clause 6), सहयोग व संचालन (Clause 7, 8) तथा निष्पादन मूल्यांकन (Clause 9) के माध्यम से प्रभावी ढंग से प्रबंधित करना होता है।
संबंधित मानकों का संदर्भ (मार्गदर्शन हेतु)
पर्यावरणीय परिस्थितियों को बेहतर समझ के लिए निम्न मानकों को संदर्भ रूप में मार्गदर्शन के लिए देखा जा सकता है, पर यह ISO 14001:2026 EMS मानक की अपेक्षा (Requirement) नहीं है -
* ISO 14002-1:2019 — Environmental management systems — Guidelines for using ISO 14001 to address environmental aspects and conditions within an environmental topic area — Part 1: General
* ISO 14055-1:2017 — Environmental management — Guidelines for establishing good practices for combating land degradation and desertification — Part 1: Good practices framework
* ISO 14080:2018 — Greenhouse gas management and related activities — Framework and principles for methodologies on climate actions
* ISO 14090:2019 — Adaptation to climate change — Principles, requirements and guidelines
* ISO 14091:2021 — Adaptation to climate change — Guidelines on vulnerability, impacts and risk assessment
* ISO 17298:2025 — Biodiversity — Considering biodiversity in the strategy and operations of organizations — Requirements and guidelines
* ISO 59014:2024 — Circular economy — Sustainability and traceability of secondary materials — Requirements and guidance
मानकों की यह सूची देते समय ध्यान रखा गया है कि नवीनतम मानक ही लिखा जाए, फिर भी कोई गलती हो जाने या भविष्य में किसी मानक के संशोधित होने पर नवीनतम मानक ही सन्दर्भ के लिए देखा जाना चाहिए।
मुख्य बिंदु (Quick Takeaways)
* अनिवार्य अपेक्षा - आंतरिक और बाह्य मुद्दों का निर्धारण (Clause 4.1) EMS प्रणाली की सफलता के लिए अनिवार्य है।
* परस्पर जुड़ाव - जलवायु परिवर्तन, जैव विविधता और पारिस्थितिकी तंत्र का स्वास्थ्य स्थानीय और वैश्विक स्तर पर एक-दूसरे से जुड़े हैं।
* मार्गदर्शन (गैर-अनिवार्य) - ISO 14002, 17298 और 59014 जैसे मानक प्रसंग को समझने में सहायक हैं, लेकिन ऑडिट के लिए अनिवार्य आवश्यकता नहीं हैं।
सार
संगठन और उसके प्रसंग को समझना ISO 14001:2026 EMS मानक का एक मूलभूत आधार है। यदि संगठन अपने आंतरिक और बाह्य मुद्दों तथा पर्यावरणीय परिस्थितियों को सही तरीके से समझता है, तो वह बेहतर निर्णय ले सकता है, जोखिमों का प्रभावी प्रबंधन कर सकता है, तथा अपने पर्यावरणीय निष्पादन में निरंतर सुधार कर सकता है।
सादर,
केशव राम सिंघल
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